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Hot Honeymoon Sex Story - पति ने ब्वॉयफ्रेंड के लंड की याद भुला दी

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Hot Honeymoon Sex Story - पति ने ब्वॉयफ्रेंड के लंड की याद भुला दी

हॉट हनीमून सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मेरे हट्टे-कट्टे पति ने मुझे सुहागरात में चोदा तो मैं अपने बॉयफ्रेंड का लंड भी भूल गयी. मैं डर भी रही थी कि कहीं मेरे पति को मेरी फटी चूत का पता ना लग जाए.

यह कहानी सुनें.

मैं अंजलि, आप सभी को अपनी आपबीती सुना रही हूँ.
इसमें मैं अपने पति की हवस की हॉट हनीमून सेक्स स्टोरी लिख रही हूँ जो मेरे पति ने मेरे साथ किया था.

हालांकि मुझे चुदाई में बड़ा मजा आता है लेकिन जब एक मर्द प्यार से चोदने की जगह जानवरों की तरह से व्यवहार करता है तो मुझे क्या किसी भी लड़की या औरत को दुःख होता होगा.

मेरी उम्र 20 साल है. मेरा कद सामान्य ही है, हां जिस्म का रंग एकदम दूध सा गोरा है.
मैं 36 बी नाप की ब्रा पहनती हूँ. आप समझ सकते हैं कि मेरी चूचियां कैसी लगती होंगी.
मेरी गांड भी एकदम चौड़ी और उठी हुई थी जबकि मैंने कभी अपनी गांड नहीं मराई थी.

मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड था. मैंने उसके साथ बहुत बार चुदाई की थी पर उससे भी कभी अपनी गांड नहीं मरवाई.
वो अक्सर मेरी गांड मारने के लिए मुझसे कहता था मगर मैंने उसे अपनी गांड में लंड नहीं डालने दिया.

मुझे वो आगे से बड़ा मस्त चोदता था. उसका लंड चूत में लेते ही मानो मुझे मजा आ जाता था.

मैं एक गरीब घर से हूँ, तो मेरे मम्मी पापा को मेरी शादी की चिंता होने लगी थी.
मुझे मेरे ब्वॉयफ्रेंड से ही शादी करने का मन था मगर वो अभी पढ़ाई कर रहा था.

उसने कहा- तुम अभी अपने मम्मी पापा को समझाओ कि वो मेरी जॉब लगने तक का इंतजार कर लें.
मैंने उससे कहा- तुम मेरे पापा से इस सम्बन्ध में बात करो. उन्हें खुद ही समझाओ.
वो बोला- हां मैं उन्हें समझाने के लिए रेडी हूँ मगर तुमको भी उनसे कहना पड़ेगा कि तुम मुझसे प्यार करती हो.
मैंने हामी भर दी.

कुछ दिन बाद मैंने मौका देख कर अपनी मम्मी से अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में बात की.
मेरी मम्मी ने मुझे काफी खरीखोटी सुनाना शुरू कर दीं और उन्होंने ये बात मेरे पापा से भी कह दी कि लड़की हाथ से निकल रही है. इसकी शादी जल्दी करो वरना हम लोग कहीं मुँह दिखाने काबिल नहीं रह जाएंगे.

पापा ने भी मुझे डांटा और मुझे मेरे ब्वॉयफ्रेंड से मिलने से मना कर दिया.
मैं कुछ न कर सकी और मेरी शादी मुझसे दस साल बड़े आदमी से करवा दी गई.

मेरे पति एक बिजनेसमैन थे और उनका परिवार काफी पैसे वाला था.
मेरे पति भी काफी हट्टे-कट्टे बदन के थे. उनके सामने मैं एक चुहिया सी लगती थी.

जब वो मुझे देखने आए तो मैं सोच रही थी कि ये पहलवान जब मेरे ऊपर चढ़ेगा, तो मेरी तो चटनी बंट जाएगी.
उधर दूसरी तरफ मैं ध्यान दिया कि वो मेरी 36 इंच की चूचियों को वासना से देख रहे थे.

ये समझ कर मेरी चूत में चींटियां रेंगने लगी थीं, साथ ही एक डर सा भी लग रहा था कि मैं तो पिस कर रह जाऊंगी.

अब आप सेक्स कहानी में जिस विषय का इंतजार कर रहे हैं, वो आ गया है. चुदाई की बात पढ़ कर आपका लंड खड़ा हो गया होगा.

मेरी शादी हो गई और मैं अपनी ससुराल आ गई.

पति के शानदार एसी बेडरूम में मेरी सुहागरात की सेज सजी थी. मैं किंगसाइज़ बेड पर घूँघट निकाल कर बैठी थी.

मुझे न जाने क्यों काफी डर लग रहा था और आज मुझे अपने ब्वॉयफ्रेंड की काफी याद आ रही थी.

मुझे लग रहा था कि मेरे ब्वॉयफ्रेंड के अलावा कोई दूसरा आदमी मेरे बदन को न छुए, पर मैं मना भी नहीं कर सकती थी. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

मैंने लाल रंग का साड़ी पहनी थी. अन्दर ब्रा पैंटी भी लाल रंग की ही थी. मेरे तंग से ब्लाउज में से मेरे मम्मे छुपाए नहीं छुप रहे थे.

कुछ देर बाद मेरे पति कमरे के अन्दर आए, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया.

मैंने सहम कर अपने पैर अपनी साड़ी के अन्दर खींच लिए.

उन्होंने बिस्तर पर मेरे करीब बैठ कर मेरे घुटनों पर हाथ रखा और हंस कर बोले- घूंघट हटा दो … मुझसे कैसा पर्दा?
मैंने कुछ नहीं बोली, बस चुपचाप बैठी रही.

पति महोदय ने दूध का गिलास उठाया और पीने लगे.
मैं सोचती रही कि ये काम तो मुझे करना था मगर मैं शर्मवश नहीं कर सकी.

सुहागरात के दिन पति अपने दूध के गिलास से आधा दूध अपनी पत्नी को पिलाता है, ये मैंने अपनी सहेलियों से जाना था. मगर पहलवान जी ने सारा दूध डकार लिया था. मुझे ये सोचकर हल्की सी हंसी भी आई.

फिर पति महोदय अपने कपड़े निकालने लगे.
वो जल्द ही अपने शॉर्ट्स में आ गए. मैं साड़ी के घूंघट से सब देख रही थी. उनका कड़ियल बदन देख कर मुझे रश्क होने लगा था.

फिर उन्होंने मेरा घूंघट उठाया और मुझे देखने लगे.

उनकी आंखों में वासना की हवस साफ दिख रही थी.

पति- बहुत खूबसूरत हो तुम!
मैं- थैंक्यू.

वो मेरे करीब आकर मेरे गाल पर किस करने लगे.
मैं एकदम से सिहर गई. न जाने क्यों मुझे मेरे ब्वॉयफ्रेंड की याद सताने लगी थी.

मैंने डरते हुए कहा- आज कुछ मत करो प्लीज़ … मैं थक गई हूँ.
पति ने अपनी ही धुन में कहा- मैं जो कर रहा हूँ, वो मुझे करने दो. जबसे तुझे देखा है, मेरी आंखों से नींद उड़ी हुई है.
मैंने कुछ नहीं कहा.

उन्होंने धीरे धीरे करके मेरे गहने निकाल दिए. फिर साड़ी भी हटा दी.

अब मैं ब्लाउज पेटीकोट में थी.
मेरी कसे से खुले गले के ब्लाउज में से मेरे आधे दूध बाहर निकल रहे थे.

पति ने मेरे मम्मों को हाथ से सहलाया और कहा- बड़े लाजवाब हैं.
मैं लजा गई.

अब मुझे भी अन्दर से हेनू हेनू होने लगी थी.

पति ने मुझे लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गए. वो मेरे होंठों को किस करने लगे.
मैं उनका साथ नहीं दे रही थी. मेरा मन अभी भी अपने ब्वॉयफ्रेंड में ही था.

मेरे पति ने मेरे मम्मों जोर से दबाते हुए ऐसे मसल से दिए मानो मम्मों ना हों कोई दबाने वाली बॉल हों.

मैं- आहह धीरे दबाइए प्लीज़ … दर्द होता है!
पति- चुप रहो … कुछ मत बोलो.

मैंने चुप रहने का फैसला कर लिया.

पति ने मुझे नंगी करना शुरू कर दिया.
उन्होंने मुझे उल्टा किया और ब्लाउज का हुक खोल दिया, फिर मुझे सीधा करके ब्लाउज निकाल दिया.

मैं अब ब्रा में उनके सामने थी. मेरे गोरे गोरे मम्मों ब्रा से बाहर निकल रहे थे.

पति- आहह क्या दूध हैं तेरे … मजा आ गया. मैंने बहुत रंडिया चोदी हैं, पर तेरे जैसे मम्मे किसी के नहीं निकले.

मैं सुहागरात पर अपने पति से ये सब बस सुन रही थी.

किसी पति के मुँह से सुहागरात पर ऐसी बात सुनकर उसकी नई नवेली दुल्हन को कैसा लगेगा, ये बात वो ही जान सकती है.
मैं अगले ही पल ये भी सोचने लगी कि मैं कौन सी सती सावित्री हूँ, जो अपने पति की चुदाई की बात सुनकर बुरा मानूं.

मेरे पति ने मेरी ब्रा खोल दी और मैंने शर्मा कर अपने मम्मों पर हाथ रख दिया.
मुझे लग रहा था कि आज पहलवान जी मेरी चूत का भोसड़ा बना कर ही दम लेंगे.

पर मैं कुछ नहीं कर सकती थी.
पति ने मेरे हाथ को पकड़ कर मेरे मम्मों से अलग किया और एक दूध चूसने लगे.

उन्होंने मेरे दोनों मम्मों जोर जोर से चूसना मसलना शुरू कर दिया.
वो एक दूध को दबाते और दूसरे को चूसते, इसी तरह से वो मेरे दूसरे दूध के साथ कर रहे थे.

मैं मजा तो ले रही थी मगर उनके पहलवानी हाथों से मुझे दर्द हो रहा था.

मैं- प्लीज़ दर्द हो रहा है, धीरे करो न!

पर वो मेरी कहां सुनने रहे थे. वो तो मेरी जैसी माल पर एकदम से टूट पड़े थे.

कुछ ही देर में मेरे गोरे गोरे मम्मे एकदम लाल हो गए थे.

फिर उन्होंने नीचे हाथ लगाया और मेरे पेटीकोट को खींच कर निकाल दिया.

इसके साथ ही उन्होंने अपना शॉर्ट्स उतारा और अपना मूसल सा लंड बाहर निकाल लिया.

उनका लंड 8 इंच का था, ये मेरे ब्वॉयफ्रेंड के लंड से बहुत बड़ा लंड था.
मैं एकदम से डर गई.

तभी पति महोदय ने मेरी पैंटी भी निकाल दी.
मैं पूरी नंगी हो गई थी.

उन्होंने मुझे चुदाई की पोजीशन में सैट किया और अपना लंड डालने को कोशिश करने लगे.

मैंने अपने पैरों को समेट लिया.

मैं- प्लीज़ ऐसा मत करो … आपका बहुत बड़ा है, मैं मर जाऊंगी. आज अन्दर मत डालो, मुझे दर्द होगा.

पति- चुप रह साली रंडी, तुझे ब्याह कर इसलिए नहीं लाया हूँ कि चोदूं न … मैं तुझे मस्ती से चोद सकूं, इसलिए ब्याह कर लाया हूँ. साली रंडी तेरे मम्मों और गांड देखकर लगता है कि तू रोज किसी से चुदती होगी. साली अपने पति के लंड से नखरे कर रही है.

उनके मुँह से ये सुनकर मैं डर गई कि लगता है कि इनको तो मेरे बारे में सब जानकारी हो गई है. इनके लंड से चुपचाप चुदने में ही भलाई है.
तब भी मैं उनके सामने खुलना नहीं चाहती थी.

उन्होंने मेरे दोनों पैर चौड़े किए और अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया.

अभी पति के लंड का सुपारा ही मेरी चूत में गया था कि मेरी चीख निकल गई और वो हंसने लगे.

उन्होंने मेरी चूत में अपना पूरा लंड एक बार में पेल दिया.

मैं- आहह प्लीज़ अब रहने दो, ऐसे ही रुक जाओ … प्लीज़ हिलो मत, दर्द हो रहा है.

शायद उन्हें मेरे दर्द में मजा आ रहा था और वो ये सोच रहे थे कि उनको हनीमून सेक्स में सीलपैक चूत चोदने मिली है.
वो अब अपनी गांड उठा उठा कर मेरी चूत चोद रहे थे.

मैं उनके मोटे लंड से दर्द से चीख रही थी.
मुझे वाकयी ऐसा लग रहा था कि मेरी चूत आज ही फटी हो.

कुछ देर बाद मेरी चूत ने लंड को झेल लिया था और मुझे दर्द होना बंद हो गया था. मगर तब भी मैं दर्द का नाटक करती रही.

वो मुझे धमाधम चोदने लगे, साथ ही मेरे मम्मों को दबाने लगे.

अब तो मैं भी गर्म हो गई थी.
मैंने उन्हें पकड़ लिया और अपनी गांड उठाने लगी.
मुझे भी जोर की हवस चढ़ गई थी.

मैं- आअहह आहह और डालिए मजा आ रहा है आहह आहह ओह!
पति- साली, पहले तो बड़े नखरे कर रही थी, अब लंड के नीचे मजा ले रही है.
मैं- आहह चोद दो … आप बोलो मत, बस चोद दो … मुझे दर्द भी हो रहा है.

वो जानवरों की तरह मेरी चूत फाड़ते रहे.

कुछ देर बाद उनका लंड माल निकालने वाला हो गया था.
मैं तो कब की झड़ गई थी.

फिर उन्होंने मुझे खड़ा करके मेरे मुँह में लंड पेल दिया और मेरे मुँह को पकड़ कर लंड को अन्दर बाहर करने लगे.

कुछ ही पलों में मेरे पहलवान पति ने एक तेज आह के साथ अपना पूरा माल मेरे मुँह में डाल दिया.

मेरे मुँह के अन्दर इतना अन्दर लंड घुसा हुआ था कि लंड की पिचकारी सीधे मेरे गले में उतर गई.

मुझे एक बार को तो बिल्कुल अच्छा नहीं लगा.
मैं उल्टी जैसे करने लगी और पति से छूट कर बाथरूम में भाग गई.

बाथरूम में जाकर मैंने अपने पति के वीर्य के स्वाद को महसूस किया तो मुझे मजा आ गया.
मैंने चटखारा लेकर खा लिया और उल्टी करने की आवाजें करने लगी.

दस मिनट बाद मैं कमरे में आ गई तो देखा कि पहलवान जी चित पड़े थे और उनका लंड सिकुड़ गया था.
उनकी आंखें मुंद गई थीं.

मैं मुस्कुरा दी और अपने पति से चिपक कर लेट गई.
मुझे अब मेरे ब्वॉयफ्रेंड की ज़रा सी भी याद नहीं आ रही थी.

दोस्तो, ये मेरी सुहागरात की चुदाई की कहानी एकदम सच्ची है.

आपको मेरी हॉट हनीमून सेक्स स्टोरी अच्छी लगी होगी. तो प्लीज़ कमेंट और मेल करें ताकि मैं आगे की कहानी भी लिख कर आपको सुनाऊं.
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